यश हरिद्वार न्यूज़ ✍️

कमल शर्मा रिपोर्ट ✍️

23अगस्त 2)25 हरिद्वार- शनिवार शाम जगजीतपुर में प्रसिद्ध एस.आर. मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती युवती की मौत के बाद विशेष समुदाय के उसके परिजनों और संबंधियों द्वारा हंगामा काटागया l

लेकिन ईलाज कर रहे डॉक्टरों की माने तो उनकी तमाम कोशिशों के बावजूद परिजन प्लेटलेट्स चढ़ाने से कतराते रहे और अंततः मरीज की जान चली गई। मौत के बाद वही परिजन हिंसक भीड़ बनकर अस्पताल में तोड़फोड़ और मारपीट करने पर उतारू हो गए।

युवती गंभीर बुखार और मल्टी ऑर्गन फेल्योर के लक्षणों के साथ भर्ती हुई थी। जांच में उसके प्लेटलेट्स केवल 2200 पाए गए, जबकि सामान्य स्तर डेढ़ लाख से ऊपर होना चाहिए। ऐसी स्थिति को थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया कहा जाता है, जिसमें खून रुक नहीं पाता और आंतरिक रक्तस्राव जानलेवा साबित हो सकता है। यही कारण था कि डॉक्टरों ने तत्काल प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन की सलाह दी।

परिजनों को ब्लड बैंक से प्लेटलेट्स लाने का फॉर्म भी दिया गया, लेकिन उन्होंने महंगा होने का हवाला देकर इंकार कर दिया। बार-बार समझाने के बावजूद वे टालमटोल करते रहे। यहां तक कि जब ब्लड बैंक ने निशुल्क उपलब्ध कराने की बात कही, तब भी परिजनों ने जिम्मेदारी नहीं निभाई।

स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने मरीज को हायर सेंटर में रेफर करने की सलाह दी, लेकिन परिजनों ने इस पर भी ध्यान नहीं दिया और युवती की जान चली गई।

अस्पताल के संचालक डॉ एस आर मिश्रा ने बताया कि इसके बाद करीब 30-40 लोग अस्पताल में घुस आए और उत्पात मचाया। भीड़ ने मेडिकल उपकरणों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, स्टाफ से मारपीट की और उन्हें अस्पताल से बाहर खदेड़ दिया अस्पताल में कई मरीज गंभीर अवस्था में भी थे,

स्थानीय लोगों ने बताया कि डॉ. एस.के. मिश्रा, जो मरीजों के प्रति अपनी निष्ठा और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, ने कहा कि यह घटना चिकित्सकों के मनोबल को तोड़ने वाली है। समाज को समझ

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