रुड़की। शहीद भगत सिंह ब्रिगेड वेलफेयर सोसाइटी की ओर से सत्यनारायण धर्मशाला में महान क्रान्तिकारी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को उनके जन्मदिवस पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। संस्था के अध्यक्ष गौरव कुमार ने बताया की रामप्रसाद बिस्मिल उर्दू और संस्कृत के शायर थे और 121 दिन भूखे रहने के बाद अपने खून से लिखा था कि सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है। काकोरी कांड के मुख्य कर्ता और रणनीतिकार बिस्मिल ने युवाओं में क्रांति जगाने के लिए नए नए शेर लिखे थे। आज की युवा पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News