यश हरिद्वार न्यूज़ ✍️
देवेश वर्मा रिपोर्ट ✍️
हरिद्वार में एआई और पत्रकारिता की चुनौतियों एवं अवसरों पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित, वरिष्ठ पत्रकारों व सूचना अधिकारियों का Humlog
24अक्टूबर 2026 हरिद्वार —डिजिटल क्रांति के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पत्रकारिता के क्षेत्र में नई संभावनाओं के साथ कई चुनौतियां भी लेकर आया है। इसी विषय पर उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की हरिद्वार इकाई की ओर से होटल पार्क ग्रैंड में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: पत्रकारिता के क्षेत्र में चुनौतियां एवं अवसर’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें पत्रकारिता में तकनीकी नवाचार, एआई के व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
एआई के उपयोग में तथ्य सत्यापन जरूरी
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एवं एआई विशेषज्ञ पीयूष पाण्डेय ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधुनिक पत्रकारिता के लिए एक शक्तिशाली सहायक उपकरण है। इसके माध्यम से डेटा विश्लेषण, ऑडियो-वीडियो ट्रांसक्रिप्शन, भाषा अनुवाद और समाचारों के शुरुआती ड्राफ्ट तैयार करने जैसे कार्य तेजी से किए जा सकते हैं। हालांकि, किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों का मानवीय सत्यापन अनिवार्य है।

उन्होंने डीपफेक और एआई के माध्यम से तैयार की जाने वाली फर्जी खबरों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि एआई पत्रकार की जगह नहीं ले सकता। खबर की सत्यता, संपादकीय विवेक और अंतिम निर्णय की जिम्मेदारी पत्रकार की ही होती है।
मानवीय संवेदना और सत्यनिष्ठा पत्रकारिता की आत्मा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव जी महाराज ने कहा कि मशीनें सूचनाएं और आंकड़े तेजी से जुटा सकती हैं, लेकिन सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदना और सत्य की परख एक सजग पत्रकार ही कर सकता है। उन्होंने एआई के सकारात्मक और जिम्मेदार उपयोग पर बल दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती तथा अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य मनोज गौतम ने भी अपने विचार रखे।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि पत्रकारों को समय के साथ बदलती तकनीक को अपनाना होगा। एआई के सही इस्तेमाल से खोजी पत्रकारिता, समाचार संकलन और त्वरित रिपोर्टिंग की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि तकनीक पत्रकारिता को समाप्त करने के बजाय उसकी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बना सकती है।

वरिष्ठ पत्रकारों और सूचना अधिकारियों का सम्मान
संगोष्ठी के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों और सूचना अधिकारियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में कुंभ मेला सूचना अधिकारी कीर्ति पंवार और जिला सूचना अधिकारी रतिलाल शाह सहित वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेंद्र हर्ष, गुलशन नैयर, राधेश्याम विद्याकुल, रजनीकांत शुक्ला, अविक्षित रमन, अवधेश शिवपुरी, त्रिलोक चंद भट्ट, सुदेश आर्य, नरेश दीवान शैली, परमजीत राणा, राजेन्द्रनाथ गोस्वामी, ओम गौतम फक्कड़, ललितेंद्र नाथ, शैलेंद्र सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, जगदीश देशप्रेमी, रामेश्वर दयाल, मुदित अग्रवाल, गोपाल कृष्ण पटुवर, संजय आर्य, डॉ. उमेश सचान, ऋषि सचदेवा और निशांत गर्ग सहित अन्य पत्रकार शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रजनीकांत शुक्ला ने किया। इस अवसर पर यूनियन के जिला अध्यक्ष संजय आर्य, कार्यकारी अध्यक्ष संजय रावल, महामंत्री अमित गुप्ता, कोषाध्यक्ष डॉ. हिमांशु द्विवेदी, संयोजक अनिरुद्ध भाटी, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अविक्षित रमन, सुमित तिवारी, जगदीश लाल पाहवा, डॉ. विशाल गर्ग सहित यूनियन के पदाधिकारी, संयोजक मंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
संगोष्ठी में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि तकनीक का उपयोग पत्रकारिता की गति और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन विश्वसनीयता, निष्पक्षता और मानवीय संवेदनाओं को हमेशा सर्वोपरि रखना जरूरी है।

