
न्यूज टेबलेट यश हरिद्वार
ऋषिकेश *💥परमार्थ निकेतन आये ब्रजवासी पूरोहित समाज के अध्यक्ष पुरोहित श्री सुभाष गौड़ (लाला पहलवान)*
*🌺स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर लिया आशीर्वाद*
*🌸स्वामी जी के पावन सान्निध्य और मार्गदर्शन की एक वर्ष पूर्व शुरू किया गया था यमुना दिव्य आरती का क्रम*
*✨श्री वृन्दावन धाम से आरती की सफलता का संदेश लेकर आये पुरोहित श्री लाला पहलवान*
*💫अप्रैल माह में होने वाली यमुना आरती की प्रथम वर्षगांठ पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी को किया आमंत्रित*
ऋषिकेश, 29 फरवरी। परमार्थ निकेतन में श्री वृन्दावन धाम से ब्रजवासी पुरोहित समाज के अध्यक्ष श्री सुभाष गौड़ जी (लाला पहलवान) अपने सहयोगियों के साथ आये। उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर आशीर्वाद लिया तथा स्वामी जी के सान्निध्य व मार्गदर्शन में एक वर्ष पूर्व जो यमुना जी की आरती की ज्योति जलायी थी वह आज एक जागरूकता मशाल के रूप में कार्य कर रही है। उस महिमा का गान करने तथा अप्रैल माह में यमुना जी की आरती की प्रथम वर्षगांठ पर स्वामी जी को आमंत्रित करने हेतु श्री धाम वृन्दावन से परमार्थ निकेतन आये हैं।
श्री सुभाष गौड़ जी ने बताया कि एक वर्ष पूर्व स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य और मार्गदर्शन में यमुना जी की आरती का क्रम शुरू किया गया था तब से ब्रजवासी पुरोहित समाज द्वारा श्रीधाम वृन्दावन में निरंतर यमुना जी की आरती हो रही हैं। सभी उत्साह के साथ यमुना आरती के क्रम को आगे बढ़ा रहे हैं। साथ ही आरती के माध्यम से जनजागरूकता का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि घाट पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है जिसका प्रभाव वहां के पर्यटन व तीर्थाटन दोनों पर अद्भुत रूप से पड़ रहा है। सारी व्यवस्थायें सुचारू रूप से चल रही है तथा यमुना जी की आरती की दिव्यता व भव्यता का निरंतर विस्तार हो रहा है परन्तु स्वामी जी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से इसे और अधिक विस्तार प्रदान किया जा सकता है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि संपूर्ण मानव इतिहास के अस्तित्व को बनाये रखने में नदियों का महत्वपूर्ण योगदान है। नदियाँ हमारी महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन हैं और वे मानवता के लिये भी आवश्यक हैं इसलिये नदियों को संरक्षित रखना हम सबका कतव्र्य है। जब तक हम नदियों के प्रति जागरुक नहीं होंगे तब तक नदियों को स्वच्छ नहीं रखा जा सकता इसलिये हम सभी को नदियों को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त रखने हेतु पहल करनी होगी ताकि नदियों को पूरी तरह से स्वच्छ किया जा सके। नदियों का निर्मल जल हमारा बहुमूल्य खजाना है इसलिये उसके अंधाधुंध दोेहन को भी रोकना होगा नहीं तो हमारी नदियों को विलुप्त होते देर नहीं लगेगी।
स्वामी जी ने कहा कि यमुना जी भारत की पवित्र नदियों में से एक है। पौराणिक धर्मग्रंथों यथा विष्णु पुराण, रामायण आदि में यमुना जी को सूर्य पुत्री, यम की बहन और भगवान श्री कृष्ण की अर्धांगिनी का दर्जा दिया गया है। यमुना जी और गंगा जी के दोआब की पुण्यभूमि में ही हमारी सनातन संस्कृति का विकास हुआ था। जीवनदायिनी नदियाँ सदियों से माँ की तरह हमारा भरण-पोषण करती आ रही हैं। नदियों के तटों पर ही अनेक सभ्यताओं का विकास हुआ हैं। नदियों का जल न केवल मनुष्यों बल्कि धरती की प्यास भी बुझाता है साथ ही यह हमारी आस्था का भी केन्द्र है। जब हम समस्याओं में उलझे होते हैं तब नदियों के तटों पर सुकून और शांति की तलाश करते हैं। नदियाँ हमारी आस्था, आध्यात्मिकता और सकारात्मकता में वृद्धि करती हैं।
हिन्दू धर्म में तो जन्म से लेकर जीवन की अंतिम यात्रा भी नदियों की गोद में ही पूरी होती है। प्रकृति और नदियां ईश्वर का एक अनमोल खजाना है इसलिये इसे सहेजने के लिये सशक्त कदम उठाने होंगे और आरती एक श्रेष्ठ माध्यम है।
ब्रजवासी पूरोहित समाज से श्री सुभाष गौड, श्रीमती रेणु गौड, श्री आदित्य गौड, श्री राघव भारद्वाज, रेणु भारद्वाज ने परमार्थ निकेतन गंगा जी की आरती में सहभाग किया। स्वामी जी ने अंगवस्त्र और रूद्राक्ष का दिव्य पौधा आशीर्वाद स्वरूप भेंट किया।
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