यश हरिद्वार 

अरुण पाठक (हरिद्वार)उत्तराखंड

जनपथ हरिद्वार‌ ÷÷÷ “वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय परिपेक्ष में भारतीय संस्कारों संस्कृति तथा सनातन पद्धति का प्रचार प्रसार पहले से कहीं अधिक आवश्यक है और इस कार्य के लिए बहुत बड़े स्तर पर प्रयासों की आवश्यकता के साथ-साथ, यह ज्यादा जरूरी है कि हम सब के द्वारा अपने अपने स्तर पर इस हेतु छोटे-छोटे प्रकल्प हाथ में लेकर कोशिश की जाए तो निश्चित रूप से भारतीयता का संरक्षण और संवर्धन संभव है।”
यह उद्गार आज प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में कवि एवं साहित्यकार श्री अरुण कुमार पाठक एवं उभरती हुई  गायिका सुश्री शीना भटनागर के स्वरों में गणेश चतुर्थी के अवसर पर तैयार किए गये, भक्ति संगीत वीडियो ‘आओ पधारो गजानना, आओ तुम्हारा स्वागत है’ का लोकारचोण करते हुए व्यक्त किये। इस अवसर पर भक्ति संगीत की पूरी टीम को अपने बधाई व शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्य किया कि यह गीत निश्चितरूप से सारे देश में बहुत लोकप्रिय होगा।
इस सम्बन्ध में संगीत वीडियो के निर्माता अरुण पाठक ने कहा कि उनके अब तक के सभी प्रकल्पों व प्रयासों का उद्देश्य भारतीय कला-संस्कृति के संवर्धन के साथ-साथ हरिद्वार में प्रत्येक क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं, विभूतियों तथा उदीयमान प्रतिभाओं को तलाश कर उनको पहचान दिलाने के साथ-साथ हर सम्भव अवसर उपलब्ध कराना भी है। इस मौके पर स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश जी ने वीडियो के दोनों कलाकारों का सम्मान किया, इसके पूर्व स्वामी जी को भी अंगवस्त्र एवं पुष्पहार भेंट किये गये। कार्यक्रम का संचालन नृत्यांगना व कवियत्री सुश्री वैष्णवी झा ने किया। कार्यक्रम के आरम्भ में सरस्वती शीना भटनागर व कंचन प्रभा गौतम ने प्रस्तुत की।
उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व अरुण पाठक हरिद्वार महाकुम्भ-2021 के अवसर पर महाकुम्भ तथा माँ गंगा के महत्व एवं परिदृश्यों को अपने उर में समेटे सात स्वरचित साथ गीतों की एक लोकप्रिय वीडियो एल्बम ‘ॐ नमामि गंगे’ के निर्माण के माध्यम से हिंदू धर्म- संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर चुके हैं। जून, 2022 में इन्होंने पारिजात साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच, हरिद्वार द्वारा प्रकाशित 8 दिवंगत तथा 18 वर्तमान कवियों के साझा काव्य संकलन ‘पारिजात काव्य कलश’ तथा अनेक व्यक्तिगत काव्य संग्रहों का सम्पादन कर चुके हैं। हिन्दू धर्म-संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु, हरिद्वार काँवड़ यात्रा के महत्व पर विगत वर्ष पाँच स्वरचित गीतों की संगीत एल्बम ‘बनूँगा मैं तो कावड़िया’ का निर्माण एवं निर्देशन किया। साथ ही इसी वर्ष के आरम्भ में अयोध्या श्रीराम मंदिर की स्थापना के अवसर पर बधाई गीत ‘बना प्रभुराम का मंदिर’ जारी किया, जो काफ़ी लोकप्रिय हुआ था। इसके पूर्व इनके अपने स्वरों में संगीतम श्रीगंगा अष्टोत्तरशतनाम (गंगाजी के 108 नाम) आडियो भी जारी किया गया था।
भारत की स्वतन्त्रता के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द मोदी जी के आह्वान पर इन्होंने भारत के 75 ज्ञात एवं अज्ञात स्वाधीनता सेनानियों‌ की काव्यमयी वीरगाथा का काव्य संकलन ‘आज़ादी के परवाने’ का अगस्त, 2022 में प्रकाशन किया। इस पुस्तक पर एक साहित्यिक परिचर्चा का उत्तराखण्ड दूरदर्शन से प्रसारित हुई थी तथा पुस्तक को ‘वर्ल्डवाइड बुक आफ रिकार्ड्स’ द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में डा. सुशील कुमार त्यागी ‘अमित’, सुरेन्द्र झा, तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित पावरलिफ्टर संगीता राणा,  कंचन प्रभा गौतम, सीमा धीमान, डा. विजय त्यागी, अरविन्द दुबे, डा. सुगन्ध पांडे, वैष्णवी झा, शिवालिक नगरपालिका के नामांकित सदस्य चन्द्रभान सिंह, प्रेम शंकर शर्मा ‘प्रेमी’, गोविन्द बल्लभ भट्ट आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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