रुद्रपुर। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि राज्यवासी पानी, बिजली, शिक्षकों और डॉक्टरों की कमी से परेशान हैं। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई, भ्रष्टाचार चरम पर है। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के पीएम कार्यकाल में 37 करोड़ आबादी गरीबी रेखा से बाहर हो गई थी। आज 27 करोड़ आबादी फिर गरीबी रेखा के नीचे चली गई है। पूर्व सीएम रावत मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अध्यापक नहीं हैं। अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं। नलों में पानी नहीं है और तार में बिजली नहीं है। बिजली कटौती आम बात हो गयी है। बिजली के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। बिजली उत्पादन गिर रहा है। सरकार के पास क्या है। कहा कि सरकारी जमीनों पर बसे लोगों को उजाड़ा जा रहा है।

जबकि उनके सीएम कार्यकाल में मानक बना दिया था, जो जहां बैठा है वहां का स्वामित्व दिया जाए। वर्तमान सरकार गरीबों को उजाड़ रही है, जिसका वह विरोध करते हैं। इसके अलावा पूर्व सीएम ने सितारगंज में कांग्रेसजनों के साथ बैठक कर जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष का आह्वान किया। इस दौरान नगर अध्यक्ष सरताज अहमद, ब्लॉक अध्यक्ष हरप्रीत सिंह, पूर्व प्रदेश सचिव नवतेज पाल सिंह, पूर्व नगर अध्यक्ष हरपाल सिंह, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करन जंग, शक्तिफार्म ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य, रामनगीना प्रसाद, सुरेंद्र सिंह, मुख्तयार अंसारी, वसीम मियां, अखिलेश सिंह, रणजीत राणा, नसीम मिलक, जगदीश महार, जानकी कोहली, मो. अहमद, अख्तियार पटौदी, हसनैन मलिक मौजूद रहे।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की सड़कें खस्ताहाल हैं। नौ जगह तो सड़कों में गड्ढे भरने के लिए उन्हें धरने पर बैठना पड़ा। अंत में सीएम ने स्वीकार कर एप जारी किया। पूर्व सीएम ने कहा कि 5000 वीडियो 15 दिन पहले तक अपलोड हो चुके थे। राज्य में सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है, इसका अंदाजा लगाना कठिन हो गया है।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। छह माह पहले से राष्ट्रीय स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि 325 सीटों पर निश्चित जीत की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में वोट कटने के कारण हार हुई थी। उन्होंने कहा कि राज्य की पांच सीटों में ऑब्जर्वर चुनाव के लिए घूम रहे हैं। नया स्वरूप देकर कांग्रेस का संगठन खड़ा हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में गरीब, अमीरों के बीच खाई पैदा हो गई है। 75 प्रतिशत से ज्यादा सम्पत्ति पर कुछ गिने-चुने लोगों का अधिकार हो गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार में देश अफ्रीका से भी आगे है। मानव अधिकार के मामले भी बेहद चिंतनीय हैं। अमेरिका के मानव अधिकार विशेषज्ञों ने भी टिप्पणी की है। जबकि देश में कुपोषण भी चिंता का विषय है।

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