रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित अपर जिलाधिकारी व सभी उप जिलाधिकारियों ने सोमवार रात्रि 9 बजे विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा  मरीजों को उपलब्ध हो रही सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार रात्रि को जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग का औचक निरीक्षण करते हुए भर्ती मरीजों की देखभाल हेतु तैनात चिकित्सकों, स्टाफ नर्स आदि सहित रोगियों को मिलने वाली स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिलकर समस्याएं सुनीं। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, गायनी नर्सिंग कक्ष व अन्य वार्डों में जाकर व्यवस्थाओं को देखा। चिकित्सालय के बाहर रखे गए डस्टबिन में कूड़ा-करकट, दवाइयों के रैपर, ग्लब्स, उपयोग किए गए इंजेक्शन आदि भरे होने पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को रात्रि में साफ-सफाई रखने के साथ ही कूड़े का समय से उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा जिलाधिकारी ने अनुपस्थित चिकित्सक व स्टाफ के स्पष्टीकरण हेतु मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया।

जिलाधिकारी ने कार्डियक केयर सेंटर का भी निरीक्षण किया जहां नर्सिंग अधिकारी ने उन्हें अवगत कराया कि वार्ड में कुल 4 मरीज भर्ती हैं जिन्हें आवश्यकता के अनुसार दवाइयां व अन्य मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में कार्यरत सभी चिकित्सकों व अन्य मेडिकल स्टाफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति बायोमेट्रिक से करने के निर्देश देते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को माह मई, 2023 से निरीक्षण की तिथि तक की उपस्थिति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही वेतन आहरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अस्पताल के मुख्य गेट पर स्थित डिस्प्ले बोर्ड में चिकित्सालय में रात्रि में तैनात चिकित्सक व अन्य मेडिकल स्टाफ का मोबाइल नंबर सहित नाम अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए ताकि इमरजेंसी में अस्पताल आने वाले मरीजों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।

वहीं अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी ने सोमवार रात्रि को कोटेश्वर स्थित माधवाश्रम चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यहां पर भर्ती मरीजों का हालचाल पूछा। यहां पर 9 मरीज आईपीडी में भर्ती थे जिनमें 2 मरीज पथरी ऑपरेशन के जबकि 7 मरीज हड्डी रोग से संबंधित थे। मरीजों ने अपर जिलाधिकारी को अवगत कराया कि उन्हें नियमित रूप से भोजन दिया जा रहा है।

इसी क्रम में उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग अपर्णा ढौंडियाल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान यहां पर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया गया। जिसमें ऑक्सीजन व आपातकालीन दवाएं उपलब्ध मिली। साथ ही चिकित्सक, नर्स व वार्ड ब्वाॅय सहित एंबुलेंस व चालक भी उपस्थित मिले। बताया कि यहां ऑपरेशन हेतु एक मरीज भर्ती हुआ है। उन्होंने यहां तैनात चिकित्सकों को रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली का सोमवार रात्रि में निरीक्षण करते हुए उप जिलाधिकारी जखोली परमानंद राम ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक औषधियों की जानकारी ली गई। जिस पर प्रभारी चिकित्साधिकारी ने उन्हें अवगत कराया कि स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त मात्रा में औषधि उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा डिलीवरी कक्ष का भी निरीक्षण किया गया तथा चिकित्सा अधिकारी को भर्ती मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान उन्होंने स्टाक रजिस्टर व उपस्थिति पंजिका का भी अवलोकन किया।

उप जिलाधिकारी ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा ने भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थिति पंजिका, आपातकालीन कक्ष, एंबुलेंस व सचल चिकित्सा वाहन आदि व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए चिकित्सकों को भर्ती मरीजों की नियमति रूप से देखभाल करने सहित हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं की निरंतर निगरानी हेतु निकट भविष्य में भी इसी तरह से औचक निरीक्षण किया जाएगा तथा अनुपस्थित पाए गए चिकित्सक व अन्य कर्मचारियों से स्पष्टीकरण/कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सभी चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

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