रुड़की। राजकीय इंटर कॉलेज रुड़की में प्रसिद्ध गीतकार राम शंकर सिंह के गीत संग्रह प्रिय गीत हैं मेरे का लोकार्पण हुआ। जिसकी अध्यक्षता साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉ. योगेंद्र नाथ शर्मा अरुण ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहारनपुर से आमंत्रित प्रख्यात गीतकार विजेंद्र पाल शर्मा रहे। विशिष्ट अतिथियों में सुबोध कुमार मलिक, सुबोध कुमार पुंडीर, डॉ. मधुराका सक्सेना, नरेश राजवंशी, कृष्ण सुकुमार, सुरेंद्र कुमार सैनी, रामवीर सिंह राहगीर एवं हरि प्रकाश शर्मा खामोश रहे। कार्यक्रम का संचालन किसलय क्रांतिकारी ने किया। दीप प्रज्वलन के बाद अर्चना सिंह ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। पुस्तक लोकार्पण के बाद सुबोध कुमार पुंडीर की ओर से गीत संग्रहण की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की गई। भाव, भाषा सौंदर्य, रस, छंद और अलंकार की दृष्टि से अधिकांश गीत विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में भी शामिल करने लायक हैं। डॉ. योगेंद्र शर्मा अरुण ने पुस्तक को उच्च कोटि का गीत संग्रह बताया। उन्होंने कहा कि गीत संग्रह में वंदनाए, देश-दुनिया के गीत, सामाजिक चेतना के गीत, मन के गीत, प्रकृति के गीत एवं समर्पित गीत क्रमबद्ध रूप से उपभागों में सजाए गए हैं।
डॉ. विजेंद्र पाल शर्मा ने कहा कि राम शंकर सिंह एक उच्च कोटि के गीतकार हैं उन्होंने मेरे साथ कई साहित्यिक यात्राएं की हैं। मौके पर राम शंकर सिंह ने अपने साहित्यिक गुरु एवं प्रेरक सहारनपुर के प्रख्यात साहित्यकार एवं छंद शास्त्र के ज्ञाता स्मृतिशेष योगेंद्र पाल दत्त को विशेष रुप से याद किया। उनके नाम से सम्मान पत्र एवं शॉल उनके पुत्र मुकुल दत्त शर्मा को भेंट किया। कार्यक्रम में मनीष श्रीवास्तव, विनय प्रताप सिंह, विनय सैनी, डीके वर्मा, शालिनी जोशी पंत, घनश्याम बादल, पंकज गर्ग, महावीर सिंह, डॉ. गोपाल नारसन, पंकज त्यागी, नवीन शरण निश्चल, रामवीर सिंह राहगीर, अजय त्यागी, जितेंद्र सिंह पुंडीर, अनिल अमरोहवी, देवेंद्र सैनी, राजीव कपिल, अशोक शर्मा आर्य, नरेंद्र आहुजा, आशीष सैनी, राजेश कुमार सैनी, हरेंद्र सिंह, आरपी सैनी, राजीव उपाध्याय, अजय विक्रम सिंह, अविनाश कुमार सिंह, आशा देवी, चंचल त्यागी, राहुल कुमार, शशि भूषण सैनी, रामकुमार वर्मा, अजय सैनी, देवेंद्र पाल, दुर्गेश नंदिनी नेगी, रेखा रावत, सुरेश चंद, हेमंत बत्रा, रविंद्र सिंह चौहान, सुरेंद्र कुमार, कुंवर पाल सिंह, पदम चौधरी, यतींद्र कुमार चौधरी आदि मौजूद रहे।
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