अल्मोड़ा। पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक के कैंप कार्यालय में एक भव्य काफल पार्टी का आयोजन किया गया। पहाड़ी अंचल के उत्पादों, पहाड़ी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए श्री कर्नाटक के द्वारा इस काफल पार्टी का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रतिभाग किया। विदित हो कि श्री कर्नाटक पूर्व में भी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ मिलकर पहाड़ी उत्पादों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन जिनमें कांफल पार्टी, आम पार्टी, ककड़ी पार्टी, आड़ू पार्टी आदि शामिल है, देश के विभिन्न स्थानों में कर चुके हैं। इस अवसर पर श्री कर्नाटक ने कहा कि हमारी पहाड़ी संस्कृति और पहाड़ी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के आयोजनों की नितान्त आवश्यकता है।
इस तरीके के कार्यक्रमों से जहां हमारी पहाड़ी संस्कृति की झलक दूर दूर तक जाएगी, वही इन उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार होने से हमारे काश्तकारों को भी इसका लाभ मिलेगा जो आज पहाड़ की एक बहुत बड़ी समस्या पलायन रोकने में भी अपना अहम योगदान देगा। श्री कर्नाटक के कैंप कार्यालय में आज आयोजित इस कांफल पार्टी में मोना मुक्तेश्वर से आडू, नाशपाती, खुमानी, लमगड़ा विकास खंड से काफल एवं बुरांश का जूस लोगों को परोसा गया। इस अवसर पर श्री कर्नाटक ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से हमारे पहाड़ी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा जिसका सीधा लाभ हमारे काश्तकार भाइयों को मिलेगा जो कि मिलना भी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि आज पर्वतीय जिलों से बहुतायत में पहाड़ी फल खुमानी, आडू, नाशपाती जैसे फलों को बाजार उपलब्ध है लेकिन इसका फायदा इन फलों को पैदा करने वाले काश्तकारों को न मिलकर बिचौलियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वे इसके लिए प्रयासरत रहेंगे कि पहाड़ी इलाकों के काश्तकारों को उनकी मेहनत का पूरा फायदा मिले। श्री कर्नाटक ने कहा कि आने वाले समय यदि वे अपने प्रयासों में सफल होते हैं और जनता का उन्हें आशीर्वाद मिलता है तो उनकी प्राथमिकता होगी कि अल्मोड़ा के काश्तकारों को अल्मोड़ा में ही मंडी उपलब्ध कराई जाए जिससे कि उन्हें उनकी मेहनत का पूरा दाम मिल सके। आने वाले समय में पहाड़ी खाद्यान्न जैसे मडुवा, झिंगोरे, गडेरी, पिनालू, भट के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए श्री कर्नाटक के द्वारा पहाड़ी व्यंजन पार्टी भी आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि काफल हमारी पहाड़ी संस्कृति को प्रदर्शित करता है। राज्य सरकार को भी हमारी पहाड़ी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के आयोजन करने चाहिए। इस अवसर पर देवेंद्र कर्नाटक, राजीव कर्नाटक, कमलेश कर्नाटक, भुवन चन्द्र कर्नाटक, बद्री प्रसाद कर्नाटक, रमेश चंद्र जोशी, दीपांशु पांडे, लीलाधर काण्डपाल, जगदीश चन्द्र तिवारी, रोहित शैली, गौरव अवस्थी, राकेश बिष्ट, अशोक सिंह, अधिवक्ता कवींद्र पंत, सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता शाहबुद्दीन, नूर खान, भूपेन्द्र सिंह भोजक, हर्षिता तिवारी, हिमांशी अधिकारी, कविता पांडे, रेखा जोशी, डा.विद्या कर्नाटक, खष्टी गोस्वामी, मुकेश लटवाल, सन्तोष जोशी, दीक्षा सुयाल, सुधीर, मनोज कुमार, गौरव काण्डपाल सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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