यश हरिद्वार न्यूज ✍️

अरुण कुमार पाठक ✍️
23 अप्रैल, 2025ह रिद्वार। “हमारी पृथ्वी इस सृष्टि का वह सबसे महत्वपूर्ण ग्रह है, जहाँ हम सभी मनुष्य, जीव जन्तु तथा वनस्पति का अस्तित्व है। इन सबके जीवन के लिए ऑक्सीजन सबसे बड़ी आवश्यकता है और इस ऑक्सीजन का एकमात्र स्रोत हमारे वृक्ष, पेड़-पौधे तथा वनस्पति हैं, जो जहरीली गैस कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करके हमें आक्सीजन प्रदान करते हैं। आज वातावरण में ऑक्सीजन की उपलब्धता अधिकतम गिरावट के स्तर तक पहुँच चुकी है। यदि हमने पूरी दुनिया में इस पृथ्वी को वृक्षों से श्रृंगारित कर हरा-भरा नहीं रखा तो, वह दिन दूर नहीं, जब हमें कहीं भी यात्रा पर जाते समय, अपने साथ पानी की बोतल की साथ-साथ, ऑक्सीजन का सिलेंडर भी ढोना पड़ेगा। अतः यह हम सब का कर्तव्य है कि, हम सब अधिक से अधिक संख्या में न केवल पौधे लगाएँ, बल्कि उनको आने वाले समय में पोषण और संरक्षण भी दें।”

उपरोक्त विचार हरित ऋषि विजय पाल बघेल ने, दशहरा मैदान सेक्टर-4, भेल में भागीरथ जनकल्याण सेवा समिति (रजि.) द्वारा आयोजित किया जा रहे, भागीरथ महोत्सव मेला-2025 के अन्तर्गत पृथ्वी दिवस की थीम पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के दौरान व्यक्त किये। उन्होंने जानकारी दी, कि चिपको आंदोलन की अग्रनेत्री गौरा देवी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर 2025 को ‘गौरा देवी वर्ष’ घोषित किया गया है और साथ ही ‘ट्री ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया’ ने उत्तराखंड में सौ-सौ वृक्षों की सौ ‘गौरा देवी वाटिकाएँ’ स्थापित करने का निर्णय लिया है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विजयपाल बघेल निर्णायक मंडल के सदस्यों- चित्रकार सुबोध कुमार व सुभाष चन्द्रा, देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष दिनेश चन्द्र सकलानी, योग गुरु ज्ञान सिंह, महेश कुमार धीमान, शिक्षाविद् ओ.पी. चौहान, साहित्यकार व कवि अरुण कुमार पाठक तथा समाजसेवी प्रमोद शर्मा के साथ संयुक्तरूप से भागीरथ जनकल्याण सेवा समिति द्वारा विगत 14 अप्रैल को पृथ्वी दिवस 2025 की थीम ‘हमारी शक्ति, हमारा ग्रह’ विषय पर आयोजित की गई चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेता बच्चों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया। राष्ट्रपति पुरस्कसर विजेता अशोक कुमार गुप्ता तथा चित्रकार जय भी निर्णायक मंडल में शामिल थे।

तीन वर्गों में आयोजित की गयी इस प्रतियोगिता में, ग्रुप ‘ए’ (कक्षा-3 तक) में श्रेष्ठ प्रथम, अनादि नूतन सिंह द्वितीय तथा विराज चौहान को तृतीय, ग्रुप ‘बी’ (कक्षा-4 से 7) में कोमल रानी प्रथम, शताक्षी वत्स द्वितीय तथा रुद्र तिवारी तृतीय और ग्रुप ‘सी’ (कक्षा-8 से 10) में देव सिंह व भावना सिंह संयुक्त रूप से प्रथम, पूनम सैनी द्वितीय तथा रामाशीष वी. तथा यक्षराज को संयक्तरूप से तृतीय पुरस्कार के विजेता घोषित किये गये। विशेष श्रेणी में वैष्णवी सक्सैना को पुरस्कृत किया गया। सभी विजेताओं को शील्ड (सम्मान चिन्ह) के साथ-साथ चेतना पथ की ओर से सम्मानपत्र भेंट किये गये। इन प्रथम तीन स्थानों के विजेताओं के अलावा कुछ बच्चों को प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिये गये। सभी अतिथियों तथा निर्णायक मंडल के सदस्यों को तुलसी के पौधे व सम्मान शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
इसी अवसर पर चिपको आंदोलन की प्रणेत्री गौरा देवी के जीवन पर आधारित नाटिका व समूह नृत्य की प्रस्तुति को सभी लोगों ने बहुत सराहा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों के चित्रों के साथ-साथ नगर के प्रसिद्ध चित्रकारों- सुबोध कुमार, रवि हनुमान तिवारी, संजय जायसवाल तथा सुभाष चन्द्रा, नव्या शर्मा, सलोनी यादव, वंशिका खण्डूजा, श्रेया पुंडीर, शीतल बेहरा आदि के पृथ्वी दिवस पर बने चित्रों की एक प्रदर्शनी भी महोत्सव मेला स्थल पर लगाई गयी जिसका अवलोकन हजारों दर्शकों ने किया। इन सभी चित्रकारों को सम्मान पत्र व अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के संयोजन में टीम भागीरथ के मनोज यादव,परमाल सिंह, सुक्रमपाल सिंह, राकेश चौहान, प्रवीण बर्दिया, संतोष साहू, विकास कुचेरिया, आर पी यादव, तरुण शुक्ला, विजय चौबे, गौरी शंकर सैनी, शिवनारायण शर्मा आदि का प्रमुख सहयोग रहा।
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